वैयक्तिक भिन्नता व समावेशी शिक्षा

वैयक्तिक भिन्नता व्यक्तियों में उनके शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक व सामाजिक गुणों में पाई जाने वाली विविधता या अंतर है। कोई दो अधिगमकर्ता (समरूप जुड़वाँ भी) बिलकुल एक समान नहीं होते। स्किनर: "वैयक्तिक भिन्नता व्यक्ति के समस्त गुणों व विशेषताओं की सीमा को समाहित करती है।"

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अक्षमताओं को उनके क्षेत्र से छाँटें

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वैयक्तिक भिन्नता के क्षेत्र

  • शारीरिक — लंबाई, वजन, स्वास्थ्य, लिंग।
  • मानसिक/बौद्धिक — बुद्धि, अभिक्षमता, सृजनात्मकता।
  • संवेगात्मक — स्वभाव, स्थिरता।
  • सामाजिक व सांस्कृतिक — पृष्ठभूमि, मूल्य, भाषा।
  • रुचियाँ, अभिवृत्तियाँ व अधिगम शैलियाँ।

वैयक्तिक भिन्नता के कारण

  1. वंशानुक्रम — आनुवंशिक विरासत।
  2. वातावरण — घर, विद्यालय, समाज, पोषण।
  3. वंशानुक्रम व वातावरण की परस्पर क्रिया (आधुनिक मत)।

शैक्षिक निहितार्थ (शिक्षक इन्हें क्यों संबोधित करें)

  • विविध विधियाँ व बहु-स्तरीय सामग्री का प्रयोग।
  • वैयक्तिकृत/विभेदित शिक्षण
  • लचीला समूहन; मंद अधिगमकर्ताओं को उपचारात्मक व प्रतिभाशाली को संवर्धन सहायता।
  • विशेष आवश्यकताओं हेतु निर्देशन व परामर्श।

समावेशी शिक्षा

समावेशी शिक्षा का अर्थ है सभी बच्चों — दिव्यांग व विशेष आवश्यकता वाले सहित — को उपयुक्त सहायता के साथ सामान्य कक्षाओं में एक साथ शिक्षित करना, न कि उन्हें पृथक करना।

असाधारण/विशेष बालकों के प्रकार:

श्रेणीउदाहरण
प्रतिभाशालीअति उच्च योग्यता, सृजनात्मकता
मंद अधिगमकर्ताऔसत से धीमी गति, अतिरिक्त समय आवश्यक
शारीरिक रूप से अक्षमदृष्टि, श्रवण, अस्थि दोष
अधिगम अक्षमडिस्लेक्सिया (पठन), डिस्ग्राफिया (लेखन), डिस्कैल्कुलिया (गणित)
सामाजिक/संवेगात्मक रूप से विचलितव्यवहार/समायोजन समस्याएँ

मुख्य सिद्धांत: RTE अधिनियम 2009 सभी के लिए शिक्षा; NEP 2020 समता व समावेशन पर बल। बाधा-रहित वातावरण, IEP (वैयक्तिकृत शिक्षा योजना) व प्रशिक्षित विशेष शिक्षक समावेशन में सहायक।

तीन 'डिस-' अक्षमताएँ

यदि इन्हें कभी न मिलाएँ तो ये निश्चित अंक हैं। संकेत प्रत्येक शब्द के उत्तरार्ध में है:

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परीक्षा सुझाव: डिस्लेक्सिया = पठन, डिस्ग्राफिया = लेखन, डिस्कैल्कुलिया = गणित। समावेशी शिक्षा = सभी हेतु सामान्य कक्षा; विशेष (पृथक) शिक्षा इसके विपरीत।


स्वयं को परखें

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