अभिप्रेरणा व अधिगम
अभिप्रेरणा वह आंतरिक प्रक्रिया है जो व्यवहार को जाग्रत, बनाए रखती व लक्ष्य की ओर निर्देशित करती है। यह शब्द लैटिन movere — "गति देना" से बना है। अभिप्रेरणा → आवश्यकता → चालक → लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार।
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अभिप्रेरणा — सही या गलत?
6 कथन · प्रति कथन 9 सेकंड
आंतरिक या बाह्य में छाँटें
अभिप्रेरणा के प्रकार
- आंतरिक — भीतर से (रुचि, जिज्ञासा, संतोष)। अधिगम के लिए सर्वाधिक टिकाऊ।
- बाह्य — बाहर से (पुरस्कार, अंक, प्रशंसा, दंड)।
मैस्लो का आवश्यकता पदानुक्रम
अब्राहम मैस्लो ने आवश्यकताओं को पिरामिड में व्यवस्थित किया; निम्न आवश्यकताएँ पर्याप्त रूप से संतुष्ट होने पर ही उच्च आवश्यकताएँ प्रभावी होती हैं।
| स्तर | आवश्यकता |
|---|---|
| 5 (शीर्ष) | आत्म-सिद्धि — पूर्ण क्षमता की अनुभूति |
| 4 | सम्मान — आदर, मान्यता, प्रतिष्ठा |
| 3 | प्रेम/संबंधन — स्नेह, स्वीकृति |
| 2 | सुरक्षा — संरक्षा |
| 1 (आधार) | शारीरिक — भोजन, जल, नींद |
आत्म-सिद्धि सर्वोच्च है व विरले ही पूर्णतः प्राप्त होती है।
अन्य मत
- चालक-न्यूनता सिद्धांत (हल): अभिप्रेरणा आंतरिक तनाव/चालकों को कम करती है।
- उपलब्धि अभिप्रेरणा (मैक्लीलैंड): उपलब्धि की आवश्यकता (n-Ach) निष्पादन बढ़ाती है।
- प्रोत्साहन सिद्धांत: बाह्य प्रोत्साहन व्यवहार को खींचते हैं।
कक्षा में अभिप्रेरणा (तकनीकें)
- स्पष्ट, प्राप्य लक्ष्य निर्धारित करें।
- प्रशंसा व रचनात्मक प्रतिपुष्टि दें।
- विषय को छात्रों की रुचि व वास्तविक जीवन से जोड़ें।
- पुनर्बलन दें व प्रयास को पुरस्कृत करें।
- जिज्ञासा, नवीनता व प्रतियोगिता/सहयोग का उचित प्रयोग करें।
- आत्मविश्वास हेतु सफलता के अनुभव सुनिश्चित करें।
मैस्लो का पिरामिड स्वयं बनाएँ
यह क्रम लगभग हर वर्ष पूछा जाता है। स्तरों को आधार से ऊपर की ओर तब तक लगाएँ जब तक बिना सोचे सही न हो जाए:
आंतरिक बनाम बाह्य
परीक्षा सुझाव: मैस्लो क्रम बहुत पूछा जाता है — शारीरिक → सुरक्षा → प्रेम → सम्मान → आत्म-सिद्धि। स्थायी अधिगम हेतु आंतरिक अभिप्रेरणा श्रेष्ठ मानी जाती है।