पियाजे का संज्ञानात्मक विकास
जीन पियाजे ने प्रस्तावित किया कि बच्चे संज्ञानात्मक विकास के चार अलग-अलग चरणों से गुज़रते हैं, और प्रत्येक चरण पिछले पर आधारित होता है। RPSC पेपर I (शैक्षिक मनोविज्ञान) के लिए आपको चरणों के नाम, उनकी अनुमानित आयु-सीमा और प्रत्येक का प्रमुख विचार जानना चाहिए।
इस पृष्ठ को पढ़ें नहीं — इस पर काम करें। हर भाग कुछ बताने से पहले आपसे उत्तर माँगता है।
यहाँ से आरंभ करें: आप पहले से क्या जानते हैं?
पियाजे की अवस्थाएँ — सही या गलत?
6 कथन · प्रति कथन 9 सेकंड
चारों चरण जानें
नीचे प्रत्येक चरण पर टैप करके उसकी आयु-सीमा व मुख्य अवधारणा देखें।
संवेदी-प्रेरक
0–2 वर्षइंद्रियों व क्रियाओं से सीखता है। मुख्य उपलब्धि: वस्तु स्थायित्व — वस्तुएँ न दिखने पर भी अस्तित्व में रहती हैं।
कक्षा के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
पियाजे के चरण बताते हैं कि जो शिक्षण-विधि कक्षा 8 के विद्यार्थी के लिए कारगर है वह कक्षा 2 के विद्यार्थी के लिए क्यों विफल हो सकती है। मूर्त-संक्रियात्मक शिक्षार्थी को ठोस उदाहरण चाहिए; अमूर्त तर्क केवल औपचारिक-संक्रियात्मक चरण में विश्वसनीय होता है।
- वस्तु स्थायित्व संवेदी-प्रेरक चरण में प्रकट होता है।
- संरक्षण मूर्त संक्रियात्मक चरण में सिद्ध होता है।
- काल्पनिक तर्क औपचारिक संक्रियात्मक चरण में उभरता है।
विशिष्ट संप्रत्यय मिलाएँ
प्रत्येक अवस्था के साथ परीक्षक ठीक एक संप्रत्यय जोड़ता है: