प्राचीन व मध्यकालीन राजस्थान (राजवंश)
राजस्थान का इतिहास सिंधु-कालीन स्थलों से लेकर राजपूत राजवंशों व मुगल काल तक फैला है। यह पाठ परीक्षा में सर्वाधिक पूछे जाने वाले प्रमुख राजवंशों व शासकों को शामिल करता है।
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प्रत्येक राजवंश को उसके क्षेत्र से छाँटें
प्राचीन स्थल
- कालीबंगा (हनुमानगढ़) — सिंधु घाटी स्थल; विश्व के प्राचीनतम जुते हुए खेत का प्रमाण।
- आहड़ (उदयपुर) व गणेश्वर (सीकर) — ताम्रपाषाणिक/ताम्र संस्कृतियाँ।
- बैराठ (विराटनगर, जयपुर) — मौर्य/बौद्ध अवशेष; अशोक का शिलालेख।
प्रमुख राजपूत राजवंश
| राजवंश | क्षेत्र/राजधानी | उल्लेखनीय शासक |
|---|---|---|
| गुहिल/सिसोदिया | मेवाड़ (चित्तौड़, उदयपुर) | बप्पा रावल, राणा कुम्भा, राणा सांगा, महाराणा प्रताप |
| राठौड़ | मारवाड़ (जोधपुर) | राव जोधा, राव मालदेव, जसवंत सिंह |
| कछवाहा | आमेर/जयपुर (ढूँढाड़) | मान सिंह प्रथम, सवाई जयसिंह द्वितीय |
| चौहान | साम्भर/अजमेर | पृथ्वीराज चौहान तृतीय |
| प्रतिहार | मंडोर/भीनमाल | नागभट्ट, मिहिर भोज |
जानने योग्य प्रमुख शासक
- पृथ्वीराज चौहान तृतीय — तराइन के युद्ध (1191 विजय; 1192 में मुहम्मद गौरी से पराजय)।
- राणा कुम्भा (मेवाड़) — कुम्भलगढ़ दुर्ग व चित्तौड़ में विजय स्तंभ बनवाया।
- राणा सांगा — खानवा (1527) में बाबर से युद्ध।
- महाराणा प्रताप — हल्दीघाटी युद्ध (1576) में अकबर की सेना से; राजपूत प्रतिरोध के प्रतीक; घोड़ा चेतक।
- सवाई जयसिंह द्वितीय — जयपुर (1727) की स्थापना; जंतर मंतर वेधशालाएँ।
दुर्ग (राजस्थान के UNESCO पहाड़ी दुर्ग)
छह दुर्ग UNESCO विश्व धरोहर में अंकित (2013): चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथंभौर, आमेर, जैसलमेर, गागरोन।
युद्धों को क्रम में लगाएँ
कालक्रम के प्रश्न सामान्य हैं। इन्हें प्राचीनतम से नवीनतम क्रम में लगाएँ:
शासक → उपलब्धि
परीक्षा सुझाव: हल्दीघाटी (1576) = प्रताप बनाम अकबर (मुगल सेना का नेतृत्व मान सिंह)। खानवा (1527) = राणा सांगा बनाम बाबर। जयपुर संस्थापक = सवाई जयसिंह द्वितीय। कुम्भलगढ़ = राणा कुम्भा।