लोक संगीत, नृत्य व वाद्ययंत्र

यह विषय लगभग पूर्णतः "वस्तु को उसके समुदाय, क्षेत्र या वाद्ययंत्र से मिलाओ" पर आधारित है। इसमें समझने की आवश्यकता कम, स्वच्छ व अभ्यस्त साहचर्य की आवश्यकता अधिक है। सूचियाँ बार-बार पढ़ने के बजाय नीचे दिए मिलान अभ्यासों का प्रयोग करें।

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यहाँ से आरंभ करें: आप पहले से क्या जानते हैं?

लोक संगीत व नृत्य — सही या गलत?

6 कथन · प्रति कथन 8 सेकंड

प्रत्येक नृत्य को उसके समुदाय के अनुसार छाँटें

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लोक नृत्य

सबसे महत्वपूर्ण भेद: कोई नृत्य किस समुदाय का है।

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नृत्यसमुदाय / क्षेत्र
घूमरराजपूत महिलाएँ; राज्यव्यापी
कालबेलियाकालबेलिया (सँपेरा) समुदाय — यूनेस्को 2010
गैरभील पुरुष; होली
कच्छी घोड़ीशेखावाटी; विवाह
तेरह तालीकामड़ समुदाय; बाबा रामदेव
भवाईभवाई समुदाय; मटका संतुलन
चरीकिशनगढ़/अजमेर; जलते दीपक सहित मटका
ढोलजालोर

लोक वाद्ययंत्र

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दो व्यावसायिक गायक समुदायों में भेद करें:

  • लंगा — मुख्यतः मुस्लिम सिंधी सिपाहियों द्वारा संरक्षित; सारंगीनड़ से संबंधित।
  • मांगणियार — राजपूत परिवारों द्वारा संरक्षित; कमायचाखड़ताल से संबंधित।

लोक देवता व ख्याल

  • पाबूजीपाबूजी की फड़ रावणहत्था के साथ गाई जाती है।
  • बाबा रामदेव — रामदेवरा (जैसलमेर); उनके लिए तेरह ताली किया जाता है।
  • गोगाजी, तेजाजी, देवनारायण अन्य प्रमुख लोक देवता हैं।
  • ख्याल राजस्थान का लोक रंगमंच है (कुचामनी, शेखावाटी, तुर्रा-कलंगी)।
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परीक्षा सुझाव: कालबेलिया → यूनेस्को 2010। तेरह ताली → कामड़, बाबा रामदेव हेतु। गैर → होली पर भील पुरुष। रावणहत्था → पाबूजी। लंगा → सारंगी; मांगणियार → कमायचा।


स्वयं को परखें

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