शैक्षिक मनोविज्ञान: अर्थ व प्रकृति
शैक्षिक मनोविज्ञान मनोविज्ञान की वह शाखा है जो मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों व विधियों को शिक्षा के क्षेत्र में — अर्थात शिक्षण-अधिगम परिस्थितियों में मानव व्यवहार के अध्ययन पर — लागू करती है। यह एक सकारात्मक, व्यावहारिक, वैज्ञानिक व विकासशील विज्ञान है।
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विधियों को वस्तुनिष्ठता के अनुसार छाँटें
याद रखने योग्य परिभाषाएँ
- स्किनर: "शैक्षिक मनोविज्ञान मनोविज्ञान की वह शाखा है जो शिक्षण व अधिगम से संबंधित है।"
- क्रो व क्रो: "शैक्षिक मनोविज्ञान व्यक्ति के जन्म से वृद्धावस्था तक के अधिगम अनुभवों का वर्णन व व्याख्या करता है।"
- स्टीफन: "शैक्षिक मनोविज्ञान बालक के शैक्षिक विकास का क्रमबद्ध अध्ययन है।"
शैक्षिक मनोविज्ञान की प्रकृति
इसे विज्ञान माना जाता है क्योंकि यह:
| विशेषता | अर्थ |
|---|---|
| सकारात्मक विज्ञान | व्यवहार का अध्ययन जैसा है वैसा करता है, जैसा होना चाहिए वैसा नहीं |
| व्यावहारिक/सामाजिक विज्ञान | मनोविज्ञान को वास्तविक कक्षा-समस्याओं पर लागू करता है |
| वस्तुनिष्ठ व क्रमबद्ध | नियंत्रित, सत्यापन-योग्य विधियों का प्रयोग |
| विकासशील विज्ञान | नए शोध के साथ निरंतर विकसित होता है |
क्षेत्र (यह क्या अध्ययन करता है)
- अधिगमकर्ता — वृद्धि, विकास, वैयक्तिक भिन्नता।
- अधिगम प्रक्रिया — अधिगम कैसे होता है, स्मृति, अभिप्रेरणा।
- अधिगम परिस्थिति/वातावरण — कक्षा का वातावरण, समूह गतिकी।
- मूल्यांकन — अधिगम परिणामों का मापन।
व्यवहार अध्ययन की विधियाँ
- अंतर्निरीक्षण — अपनी मानसिक स्थितियों का स्व-अवलोकन (सबसे पुरानी, आत्मनिष्ठ)।
- अवलोकन — प्राकृतिक परिस्थिति में व्यवहार देखना (वस्तुनिष्ठ)।
- प्रयोगात्मक विधि — नियंत्रित कारण-प्रभाव अध्ययन (सर्वाधिक वैज्ञानिक)।
- वैयक्तिक अध्ययन व नैदानिक विधि — किसी व्यक्ति का गहन अध्ययन।
- विभेदक/सर्वेक्षण विधि — समूहों में भिन्नताओं का अध्ययन।
शिक्षक के लिए इसका महत्व
शैक्षिक मनोविज्ञान शिक्षक को अधिगमकर्ता समझने, उपयुक्त विधि चुनने, कक्षा प्रबंधन, अभिप्रेरणा, वैयक्तिक भिन्नता से निपटने व अधिगम के प्रभावी मूल्यांकन में सहायता करता है।
विधियों की तुलना
परीक्षा लगभग हमेशा पूछती है कि कौन-सी विधि सर्वाधिक वस्तुनिष्ठ या सबसे प्राचीन है। इन्हें टैप करके देखें, प्रतिरूप स्पष्ट हो जाएगा।
परीक्षा सुझाव: प्रायः पूछा जाता है कि कौन-सी विधि "सर्वाधिक वस्तुनिष्ठ" (प्रयोगात्मक) या "सबसे पुरानी/आत्मनिष्ठ" (अंतर्निरीक्षण) है, तथा परिभाषा को उसके प्रवर्तक से मिलाना।