संविधान निर्माण व प्रस्तावना
संविधान निर्माण तिथियों, नामों व संख्याओं के माध्यम से पूछा जाता है: किसने किसकी अध्यक्षता की, कितना समय लगा, और प्रस्तावना वास्तव में क्या कहती है। ये किसी भी सामान्य अध्ययन पेपर के सर्वाधिक अनुमेय अंक हैं, क्योंकि ये तथ्य कभी नहीं बदलते।
इस पृष्ठ को पढ़ें नहीं — इस पर काम करें। हर ब्लॉक आपसे पहले उत्तर माँगता है, उसके बाद ही कुछ बताता है।
यहाँ से शुरू करें: आप पहले से क्या जानते हैं?
संविधान निर्माण — सही या गलत?
6 कथन · प्रति कथन 12 सेकंड
वे तिथियाँ जो अंक दिलाती हैं
| घटना | तिथि |
|---|---|
| संविधान सभा की पहली बैठक | 9 दिसंबर 1946 |
| उद्देश्य प्रस्ताव (नेहरू) | 13 दिसंबर 1946 |
| संविधान अंगीकृत | 26 नवंबर 1949 |
| संविधान लागू | 26 जनवरी 1950 |
| लगा समय | 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन |
26 नवंबर संविधान दिवस है; 26 जनवरी गणतंत्र दिवस। अंगीकरण को लागू होने से मिला देना यहाँ की सबसे आम भूल है।
किसने क्या किया
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद — संविधान सभा के अध्यक्ष
- डॉ. बी. आर. आंबेडकर — प्रारूप समिति के अध्यक्ष
- जवाहरलाल नेहरू — उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया
- बी. एन. राव — संवैधानिक सलाहकार
- सच्चिदानंद सिन्हा — सभा के प्रथम (अस्थायी) अध्यक्ष
प्रस्तावना, शब्द दर शब्द
हम, भारत के लोग, भारत को एक संप्रभु समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने तथा उसके समस्त नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता, समता प्राप्त कराने और उन सबमें बंधुत्व बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर…
"हम, भारत के लोग" यह स्थापित करता है कि सत्ता जनता से निकलती है। न्याय, स्वतंत्रता, समता व बंधुत्व चार उद्देश्य हैं — और इनका क्रम पूछा जाता है।
भूमिका छाँटिए
संख्याएँ पक्की कीजिए
घटनाओं को क्रम में लगाइए
तथ्य मिलाइए
त्वरित संदर्भ
परीक्षा सुझाव: 26 नवंबर 1949 = अंगीकृत; 26 जनवरी 1950 = लागू। संविधान संबंधी बड़ी संख्या में प्रश्न केवल इन दो तिथियों को अलग रखने पर ही टिके होते हैं।