मौलिक अधिकार, कर्तव्य व नीति निदेशक तत्व

मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य और नीति निदेशक तत्व तीन अलग-अलग चीज़ें हैं, जिन्हें परीक्षक जानबूझकर आपस में उलझाते हैं। जो भेद अधिकांश प्रश्न तय करता है वह यह है: मौलिक अधिकार न्यायोचित हैं — उन पर न्यायालय जाया जा सकता है — जबकि नीति निदेशक तत्व नहीं

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अधिकार, कर्तव्य, नीति निदेशक तत्व — सही या गलत?

6 कथन · प्रति कथन 12 सेकंड

छह मौलिक अधिकार

अधिकारअनुच्छेद
समता14–18
स्वतंत्रता19–22
शोषण के विरुद्ध23–24
धार्मिक स्वतंत्रता25–28
संस्कृति व शिक्षा29–30
संवैधानिक उपचार32

संपत्ति का अधिकार 44वें संशोधन (1978) तक सातवाँ था, जिसने उसे अनुच्छेद 300क में डालकर मौलिक के बजाय विधिक अधिकार बना दिया। यह परिवर्तन लगातार पूछा जाता है।

तीनों की तुलना

मौलिक अधिकारनीति निदेशक तत्वमौलिक कर्तव्य
भागIIIIVIVA
लागू कराए जा सकते?हाँनहींनहीं
कब जोड़े गएमूलमूल42वाँ संशोधन, 1976
किसका किसके प्रतिराज्य से नागरिक कोराज्य के लक्ष्यनागरिक से राष्ट्र को

श्रेणी के अनुसार छाँटिए

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संख्याएँ पक्की कीजिए

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विधि, क्रम से

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अधिकार को उसके अनुच्छेदों से मिलाइए

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त्वरित संदर्भ

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परीक्षा सुझाव: इस अध्याय के अधिकांश अंक तीन संशोधनों पर टिके हैं — 42वाँ (कर्तव्य जोड़े), 44वाँ (संपत्ति को अधिकारों से हटाया) और 86वाँ (शिक्षा जोड़ी)। हर एक ने क्या किया, यह जान लें तो निष्कासन से उत्तर मिल जाएगा।


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