न्यायपालिका व संवैधानिक निकाय

भारत में एकीकृत न्यायपालिका है — एक ही पिरामिड जिसके शिखर पर उच्चतम न्यायालय है, अमेरिका की संघीय व राज्य की जुड़वाँ प्रणालियों से भिन्न। परीक्षा में आने वाली सामग्री अधिकतर संरचनात्मक है: कौन किसे नियुक्त करता है, किस आयु में सेवानिवृत्ति होती है, और कौन-सी रिट क्या करती है।

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न्यायपालिका व निकाय — सही या गलत?

6 कथन · प्रति कथन 12 सेकंड

पाँच रिट

रिटशाब्दिक अर्थकिसके लिए
बंदी प्रत्यक्षीकरण"शरीर प्रस्तुत करो"अवैध निरोध
परमादेश"हम आदेश देते हैं"लोक कर्तव्य कराने हेतु
प्रतिषेध"रोको"अधीनस्थ न्यायालय को अधिकारिता से आगे जाने से रोकना
उत्प्रेषण"प्रमाणित किया जाए"अधीनस्थ न्यायालय का आदेश रद्द करना
अधिकार-पृच्छा"किस अधिकार से"लोक पद के दावे को चुनौती

बंदी प्रत्यक्षीकरण लोक प्राधिकारियों व निजी व्यक्तियों दोनों के विरुद्ध जारी हो सकती है; शेष चार केवल लोक निकायों के विरुद्ध।

सेवानिवृत्ति आयु व नियुक्तियाँ

  • उच्चतम न्यायालय न्यायाधीश65 पर सेवानिवृत्त; राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त
  • उच्च न्यायालय न्यायाधीश62 पर सेवानिवृत्त; राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त
  • सीएजी — 6 वर्ष या 65 आयु, जो पहले हो
  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त — 6 वर्ष या 65 आयु

65/62 का यह भेद इस अध्याय की सबसे भरोसेमंद रूप से पूछी जाने वाली जोड़ी है।

संवैधानिक व गैर-संवैधानिक छाँटिए

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संख्याएँ पक्की कीजिए

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विधि, क्रम से

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रिट को उसके उद्देश्य से मिलाइए

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त्वरित संदर्भ

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परीक्षा सुझाव: उच्चतम न्यायालय के लिए 65, उच्च न्यायालयों के लिए 62। केवल ये दो संख्याएँ लगभग हर वर्ष किसी न किसी रूप में आती हैं, और विकल्प इन्हें आपस में बदलकर बनाए जाते हैं।


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